मांगों को ले संविदा कर्मियों ने दिया धरना
अपनी मांगों पर जोर डाले जाने के उद्देश्य से मंगलवार को संविदा स्वास्थ्य क
अरवल
अपनी मांगों पर जोर डाले जाने के उद्देश्य से मंगलवार को संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने धरना का आयोजन किया। बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ के बैनर तले आयोजित धरना का नेतृत्व जिलाध्यक्ष अखिलेश ¨सह ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम संविदा कर्मी 20 से 25 नवंबर तक टोकन स्ट्राइक पर थे। राज्य सरकार ने सभी संविदा कर्मियों को सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में स्वास्थ्य विभाग के विभागीय आदेश द्वारा राज्य स्तर से नियुक्त संविदा कर्मियों को दिए गए मानदेय के अनुरूप ही राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार एवं जिला स्वास्थ्य समिति के तहत कार्य कर रहे समस्त कर्मियों का वेतन निर्धारण 2017-18 में किया जाए। संविदा कर्मियों को नवीनीकरण से मुक्त कर उम्र सीमा 65 वर्ष किया जाए। उन्होंने आकस्मिक मृत्यु के पश्चात परिजन को अनुकंपा का लाभ दिए जाने एवं एकमुश्त अनुग्रह राशि का भी प्रावधान किए जाने की मांग की। राज्य स्वास्थ्य समिति एवं जिला स्वास्थ्य समिति सभी कर्मी को पीपीएफ की कटौती अनिवार्य रूप से करने की भी मांग की गई। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ पटना के द्वारा 15 अक्टूबर को पारित निर्णय का जिला इकाई समर्थन करता है। सभी अनुबंधित कर्मी सीधे तौर पर आंदोलन में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि 20 से 25 नवंबर तक सभी संविदा कर्मी काला बिल्ला लगाकर काम किए। चार दिसंबर से जिले के सभी संविदा कर्मी सामूहिक हड़ताल पर रहेंगे। इस मौके पर संविदा कर्मी संघ के प्रदेश सचिव शशांक शेखर, ललन कुमार ¨सह, टीवी कंट्रोल इंप्लाई संघ के जिलाध्यक्ष नारायण कुमार, मनोज कुमार, धीरेंद्र कुमार, मदन कुमार, किरण कुमारी, लवकुश कुमार तथा संजय कुमार द्विवेदी आदि लोग भी मौजूद थे।